तारे निगलते ब्लैक होल ने नहीं बनाए न्यूट्रीनो, वैज्ञानिकों को क्यों हुआ शक



दो साल पहले अंटार्कटिका में उच्च ऊर्जा वाली न्यूट्रीनों (Neutrino) की बारिश ने वैज्ञानिकों को चौंका दिया था. बहुत ही महीन और नहीं के बराबर भार के ये अतिसूक्ष्म कणों (Subatomic Particle) को पैदा करने के लिए बहुत ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है. आवेशरहित ये कण गुरुत्व और बहुत कमजोर बल से प्रभावित होते हैं. लेकिन ये सामान्य पदार्थ से पार निकल जाते हैं और इन्हें आसानी से पहचान में भी नहीं आते हैं. वैज्ञानिक इन कणों की उत्पत्ति के स्रोत को भी जानने का प्रयास कर रहे हैं. नई गणनाओं से पता चला है कि एक तारे को निगलने वाला ब्लैकहोल (Black Hole) शायद इतनी ऊर्जा पैदा नहीं कर पाता है जिससे न्यूट्रीनो पैदा हो सकें.
कौन सी थी वह घटनाशोधकर्ताओं ने न्यूट्रीनों को एक सुपरमासिव ब्लैक होल से आता पाया था जिसने कुछ ही समय पहले एक तारे को निगला था. अप्रैल 2019 में AT2019dsg नाम के टाइडल डिस्रप्टिव इवेंट (TDE) की घटना में उसी इलाके में देखी गई थी जहां से न्यूट्रीनों आए थे. खगोलविदों का कहना था कि यह विशाल और प्रचंड घटना ही न्यूट्रीनो जैसे शक्तिशाली कणों का स्रोत रही होगी.
ऊर्जा की घटनालेकिन ताजा अध्ययन ने उस दावे पर संदेह जताया है. एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में हार्वर्न एंड स्मिथसनियन के सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स और नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने AT2019dsg के आंकड़ों के साथ नए रेडियो अवलोकन पेश किए हैं जिससे टीम उस घटना से हुई उत्सर्जित ऊर्जा की गणना कर सकी.
साधारण सी थी घटनाइस शोध की पड़ताल से पता लता है कि AT2019dsg ने कभी इतनी ऊर्जा के आसपास की ऊर्जा भी पैदा नहीं की होगी जितनी की न्यूट्रीनो को बनाने के लिए लगती है. टीम का निष्कर्ष यह निकला था कि ऊर्जा के लिहाज ये बहुत साधारण सी घटना थी. यह एक अजीब सा लगने वाला नतीजा है कि आमतौर पर ब्लैकहोल जब किसी तारे को निगलता है वह कोई छोटे स्तर की घटना नहीं होती है.

माना जाता है कि ब्लैक होल (Black Hole) तारे को निगलने की प्रक्रिया में बहुत ज्यादा ऊर्जा पैदा करते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

पदार्थ कैसे निगलते हैं ब्लैक होलदरअसल ब्लैक होल अपनी जद में आने वाले हर पदार्थ को नहीं निगलते हैं. वे वैक्यूम क्लीनर की तरह अपने पास आने वाली हर चीज को नहीं निगलते हैं. जब कोई तारा भटकता हुआ ब्लैक होल के पास आता है तो काम करने लगता है और पदार्थ खिंचने लगता है. खिंचा हुआ पदार्थ  ब्लैक होल के पास भंवर की तरह डिस्क बनकर घूमने लगता है और गर्म होने लगता है. इससे आकाश में चमक पैदा होती है जिसे करोड़ों प्रकाशवर्ष दूर खगोलविद देख लेते हैं.
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न्यूट्रीनो पैदा होने की संभावनाजब डिस्क में पदार्थ बहुत ज्यादा हो जाता है, ब्लैक होल आसानी से इसे एक बार में नहीं निगल पाता है. इस प्रक्रिया में कुछ गैस बाहर की ओर भी फिक जाती है. यह बचा हुआ पदार्थ अंतरिक्ष में आउटफ्लो या जेट की तरह बाहर निकलने लगता है जो सैद्धांतिक रूप से न्यूट्रीनो जैसा पदार्थ पैदा कर सकता है.

ब्लैक होल (Black Hole) की इस घटना से खगोलविदों को बहुत ही धुंधले रेडियो संकेत मिले (प्रतीकात्मक तस्वीर: ESO)

रेडियो तरंगों का अवलोकनचिली के आटाकामा लार्ज मिलीमीटर/सब मिलीमीटर ऐरे (ALMA) और न्यू मैक्सिको का वेरी लार्ज एरे का उपयोग कर टीम  ने AT2019dsg का अवलोकन किया जो 75 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर स्थित है जिसमें ब्लैक होल को तार निगलते हुए 500 दिन का ही समय बीता था. गहन रेडियो अवलोकन से AT2019dsg की घटना के बाद के 200 दिनों के आसपास के टीडीई के सबसे अधिक चमकीले रेडियो अवलोकन किया गया है.
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शोधकर्ताओं का कहना है कि इस बात की संभावना कम ही है कि न्यूट्रीनो AT2019dsg से आया होगा. ऊर्जा के लिहाज से शोधकर्ताओं के ऐसे और भी बहुत कम संकेत दिखे. जैसे जेट से बाहर निकलने वाली ऊर्जा इतनी ज्यादा नहीं थी कि उससे न्यूट्रीनो बन सके. इसके अलावा जेट के रेडियो संकेत भी बहुत धुंधले मिले.पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.



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