बेहद विनम्र थे मणिपुर हमले में शहीद हुए कर्नल विप्लव त्रिपाठी, उनके दादा रहे हैं संविधान निर्माता सभा के सदस्य


स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि असम राइफल्स की खुगा बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल त्रिपाठी काफी विनम्र अधिकारी थे और नागरिकों की हमेशा मदद करते थे. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर में म्यांमार के साथ सीमा के पास हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, ‘उनके बलिदान को कभी नहीं भुलाया जाएगा.’

सूत्रों के मुताबिक, कर्नल विप्लव त्रिपाठी एक अग्रिम कैंप में गए थे. लौटते वक्त उनके काफिले पर घात लगाकर हमला किया गया. मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने कहा, ‘न्याय किया जाएगा.‘ उन्होंने कहा कि इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है. त्रिपाठी परिवार छत्तीसगढ़ के रायगढ़ का रहने वाला है. 

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विप्लव त्रिपाठी के पिता सुभाष त्रिपाठी (76) एक वरिष्ठ पत्रकार और स्थानीय हिंदी दैनिक ‘दैनिक बयार‘  के संपादक हैं और मां आशा त्रिपाठी एक सेवानिवृत्त लाइब्रेरियन हैं. 

उनके मामा राजेश पटनायक ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘इस साल पूरे परिवार ने मणिपुर में दीवाली मनाई थी, जहां विप्लव तैनात थे. उनके माता-पिता 6 नवंबर को रायगढ़ लौट आए थे. उनके चाचा ने कहा कि उनके दादाजी ने विप्लव को सेना की वर्दी पहनने के लिए प्रेरित किया था. 

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राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), खडकवासला से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और फिर भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए), देहरादून में शामिल हो गए. 2001 में उन्हें रानीखेत में कुमाऊं रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट के रूप में नियुक्त किया गया था. बाद में उन्होंने डिफेंस सर्विस स्टाफ कॉलेज (डीएसएससी) वेलिंग्टन से कमांड कोर्स पास किया. 

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