देसी ऐप्स का दबदबा: तेजी से ट्विटर का विकल्प बन रहा कू ऐप, चीनी ऐप्स के विरोध के बाद इन भारतीय ऐप्स को मिला था फायदा

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नई दिल्लीएक घंटा पहले

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देसी ट्विटर कहे जाने वाले कू (Koo) ऐप पर 45 लाख से ज्यादा यूजर्स आ चुके हैं। देश में ट्विटर के विरोध हो रहा है। वहीं, कई सेलिब्रिटी कू से लगातार जुड़ रही हैं। इसका सीधा फायदा कू को मिल रहा है। कू ने इस साल 10 करोड़ यूजर्स को जोड़ने का लक्ष्य भी तय किया है। आत्मनिर्भर भारत के तहत सरकार की तरफ से भी देसी ऐप्स को जमकर फायदा मिल रहा है।

हालांकि, कू ऐसा पहला ऐप नहीं है जिसे विदेशी ऐप्स के विरोध का फायदा मिला हो। बीते साल सरकार ने जिन चीनी ऐप्स को देश में बैन किया था, उससे भी कई देसी ऐप्स को फायदा मिला है। हम आपको ऐसे ही ऐप्स के बारे में बता रहे हैं। जो अचानक से सुर्खियों में आ गए।

टिकटॉक के बेस्ट ऑप्शन

  • चिंगारी चीनी ऐप टिकटॉक के बेस्ट ऑप्शन के तौर पर सामने आई। वैसे तो इसे नवंबर 2018 में रिलीज किया गया था, लेकिन बीते साल टिकटॉक को बैन किया गया, तब चिंगारी को तेजी से इन्स्टॉल किया गया। डेवलपर के मुताबिक, इसे जब री-लॉन्च किया गया तब महज 36 घंटे के अंदर गूगल प्ले-स्टोर की ट्रेंडिंग लिस्ट में आ गया था। इस पर को 1 करोड़ से ज्यादा इन्स्टॉल किया गया है।
  • टिकटॉक का एक अन्य विकल्प मित्रों ऐप भी माना गया। गूगल प्ले स्टोर ने इसे पॉलिसी का उल्लंघन करने के कारण सस्पेंड कर दिया था। हालांकि, दोबारा एंट्री मिलने के बाद यह यूजर्स के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। इसे 1 करोड़ यूजर्स डाउनलोड कर चुके हैं। आप शॉर्ट वीडियो बनाकर के इस प्लेटफॉर्म पर शेयर कर सकते हैं। ऐप पर देश के कई पॉपुलर सेलिब्रिटी भी मौजूद हैं।
  • टिकटॉक के एक अन्य और मजबूत ऑप्शन के तौर पर शेयरचैट भी सामने आया। इस ऐप को 10 करोड़ से ज्यादा बार इन्स्टॉल किया गया है। इसकी कामयाबी को इस तरह भी देख सकते हैं कि ट्विटर इसे खरीदने में दिलचस्पी ले रहा है। रिपोर्ट में ऐसा कहा गया है कि ट्विटर ने शेयरचैट को खरीदने के लिए 90 करोड़ डॉलर के अतिरिक्त निवेश की के अलावा 1.1 अरब डॉलर का ऑफर दिया है।

शेयरइट और जेंडर का ऑप्शन

  • डेटा को तेजी से एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस में ट्रांसफर करने वाले चीनी ऐप्स शेयरइट और जेंडर भी अब देश में बैन हैं। जब इप पर बैन लगाया गया तब जियो स्विच को इसका फायदा मिला। रिलांयस जियो के इस ऐप को 1 करोड़ से ज्यादा बार इन्स्टॉल किया गया है। हालांकि, इसकी डेटा ट्रांसफर स्पीड काफी कम है, जिसके चलते इसको रिस्पॉन्श अच्छा नहीं मिल रहा है।

इन ऐप्स को भी मिला फायदा

  • देसी ऐप लूडो किंग को लॉकडाउन के समय सबसे ज्यादा फायदा मिला। वहीं, चीनी गेमिंग ऐप्स को जब बैन किया गया तब इसके इन्स्टॉलेशन में तेजी आई। अब इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर से 50 करोड़ से ज्यादा बार इन्स्टॉल किया गया है। ये देश की सबसे पसंदीदा और पॉपुलर गेमिंग ऐप भी बन गई है। खास बात है कि इसे 6 प्लेयर ऑनलाइन खेल सकते हैं। इसकी पेरेंट कंपनी ने 2020 में 147 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था।
  • फिटनेस के लिए तैयार किया गया इंडियन ऐप StepSetGo भी लोगों को पसंद आया। इस ऐप को प्ले स्टोर से 50 लाख से ज्यादा बार इन्स्टॉल किया गया है। इस ऐप में फिटनेस और वर्कआउट से जुड़े कई फीचर्स दिए हैं। यूजर्स ऐप की मदद से अपनी डेली वॉक, रनिंग एक्टिविटी ट्रैक कर सकता है।

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