गैस एक्सचेंज क्या है?

हाल ही में इंडियन गैस एक्सचेंज पहला नियमित गैस एक्सचेंज बना, इसे पेट्रोलियम व गैस रेगुलेटरी बोर्ड ने 25 वर्षों के लिए अथॉराइज किया है। एक्सचेंज एक ऐसा बाजार है जहां प्रतिभूतियों, डेरिवेटिव्स, वस्तुओं और अन्य वित्तीय साधनों का कारोबार किया जाता है। एक्सचेंजों में न केवल भौतिक प्रतिष्ठान हैं, बल्कि  इसमेंइलेक्ट्रॉनिक एक्सचेंज भी हैं जो वस्तुओं के ऑनलाइन व्यापार की सुविधा प्रदान करते हैं। जब एक्सचेंज के माध्यम से प्राकृतिक गैस का व्यापार किया जाता है, तो इसे “गैस एक्सचेंज” कहा जाता है।

मुख्य बिंदु

“ऊर्जा वस्तु” के रूप में गैस का व्यापार मनमानी दरों को तय करने के बजाय गैस के बाजार आधारित मूल्य को प्राप्त करने में मदद करता है। यह गैस के व्यापार के लिए एक पारदर्शिता लाता है। गैस एक्सचेंजों में गैस की कीमत वस्तु की मांग और आपूर्ति के आधार पर निर्धारित की जाती है। भारत में, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) गैस भंडारण, वितरण, परिवहन, भौतिक वितरण आदि के लिए नियामक है। इसने गैस विनिमय को विनियमित करने की भूमिका निभाई है।

इंडियन गैस एक्सचेंज

इंडियन गैस एक्सचेंज (IGX) एक डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है, जो प्राकृतिक गैस के खरीदारों और विक्रेताओं को आयातित प्राकृतिक गैस का व्यापार करने में सक्षम बनाता है। यह भारतीय ऊर्जा एक्सचेंज (IEX) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, इसे जून 2020 में भारत के पहले गैस एक्सचेंज के रूप में लॉन्च किया गया था।

आयातित तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) ‘Regasification’ नामक एक प्रक्रिया द्वारा वायुमंडलीय तापमान पर प्राकृतिक गैस में परिवर्तित की जाती है और फिर खरीदारों को बेची जाती है। यह प्लेटफार्म कई खरीदारों और विक्रेताओं को उचित और पारदर्शी बाजार प्रदान करता है और इस क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देता है।

प्राकृतिक गैस का कारोबार गुजरात के हजीरा और दहेज तथा आंध्र प्रदेश के केजी बेसिन में किया जाता है। लॉन्च के बाद से IGX ने अब तक लगभग 74,600 मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट्स का प्राकृतिक गैस का कारोबार किया है।

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